सूर्य नमस्कार वंदना : गीत संगीत गायन हरिओम जोशी।
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सोरमंडल के अधिपति रविदेव हमारे पालक हैं।।
सूर्य बिना ब्रम्हांड अधूरा अंधकारमय इस जगत में ।
दुष्ट शक्तियों का वास है रहता मिटता भोर किरण में।।
सूर्य देव की कर अराधना सूर्य में साक्षात् ईश है।
सूर्य हमारे पितृ पितामह जगतोपत्ति कारक है।।
सूर्य नमन कर नित्य अर्ध्य देकर जीवन स्वस्थ बनाएं ।
स्वस्थ सुखी समृद्ध वैभवशाली बनाने सूर्य देव मनाएं।।
सूर्य से सृजन संभव सूर्य बिन सब-कुछ असंभव।
सूर्य हमारे पितृ पितामह जगतोपत्ति कारक है
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