Tuesday, 30 December 2025

श्री राम नाम १०८ जप माला

अजर अमर अवगति अविनाशी अलख निरंजन स्वामी हे राम ।। १।।
पुरुष पुरातन पुरुषोत्तम प्रभु पूरण र्अंतर्यामी  है राम।। २।।
कृष्ण कन्हैया विष्णु नारायण ज्योति स्वरूप विधाता है राम।।३।।
अपरंपार मुकुंद मुरारी दीनबंधु बृजनाथ है राम।। ४ ।।
यादव पति जगदीश चतुर्भुज निर्भय सर्वप्रकाश है राम।।५।।
पारब्रह्म प्राणन् के दाता , सबके घट घट वासी है राम।।६।।
निर्विकार परमेश्वर गिरिधर , माधव गोविन्द प्यारे है राम।।७।।
कमलनयन केशव मधुसूदन सबमें सबसे न्यारे है राम।।८।।
ऋषिकेश मुरलीधर मोहन, ॐ इकल्ला योनिय राम।।९।।
दीनानाथ गोपाल हरिहर गरुड़ध्वज घनश्याम है राम।।१०।।

भक्त वत्सल अरु देवकीनंदन , करते सब विधि कामहिं राम।।११।।
आदि प्रधान माधुरी मूर्ति धरणीधर बलवीर हे राम।।१२।।
नंद नंदन यशोदा नंदन , सुंदर श्याम शरीर है राम।।१३।।
परशुराम नरसिंह विश्वंभर , अचल अखंड अरूप है राम।।१४।।
भगवत वासुदेव भगवाना , ज्ञानी ध्यानी मोहनी है राम।।१५।।
ईश अगोचर और जगत्गुरू , परमानंद बहुरूप हे राम।।१६।।
करुणामय कल्याण अनंता दया सिन्धु बनवारी है राम।।१७।।
धारण शंख चक्र रुक्मिणी पति, प्रभु आनंद कंद बिहारि है राम।।१८।।
परम दयाल मनोहर नरहरि , कृपनिधि फलदाता है राम।।१९।।
कंस निकंदन रावण गंजन, जगपति लक्ष्मी नाथ है राम।।२०।।
जगन्नाथ अरु बद्रीनाथ प्रभु निर्गुण सर्वगुण धारि है राम।।२१ ।।
दामोदर रघुवर सीतापति रामा कुंज बिहारी है राम।।२२ ।।
दुष्ट दलन संतों के रक्षक सकल जगत के सांई है राम ।।२३ ।।
दुःख हरने को कौतुक अनगिन शेषपार नहीं पावें है राम ।।२४ ।।
सौ और आठ नाम की माला जो नर मुख उच्चार है राम ।। २५।।
अपने कुल की सारी पीढ़ी इक अरसो को तारहिं राम।।२६।
गुरु मुख देवमंत्र निज दीन्हा राम नाम तट तारहीं राम ।।२७।।
हे मन निश्चय से जप ले उतरे भव से पार हीं राम।।२८।।




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