Monday, 13 April 2026

दांत की समस्या

फिटकरी, काला नमक चार लौंग सरसौं का तेल पीस कर पेस्ट बना सुबह-शाम मंजन करना।

सिर दर्द का मंत्र

वन में बयायी बांदरी , कच्चा वनफल खाई।
हांक दे हनुमान को सर दर्द चला जाई।।

Tuesday, 31 March 2026

अश्विनी नक्षत्र मंत्र

ॐ अश्विभ्यां नमः।।
अश्विनी कुमार को प्रतिदिन सुबह सुबह नमस्कार करते हुए।
( सूर्य उदय के समय २७बार मंत्र बोलना है) सूर्य को जल अर्पित करते हैं ।
तो सभी कार्य सफल हो सकते हैं।

Sunday, 22 March 2026

items

Shaving blade 
Kapur dibiya 
Shaving cream 
Boro plus 
Almond oil 
झाड़ू 
ताला 
शेंपू 
बाथ सोप डिटाल 10/-
मटकी 

Saturday, 21 March 2026

Friday, 13 March 2026

इनमें से कुछ नहीं होकर भी । तुम मेरी सब-कुछ हो ।।

            कुछ नहीं होकर भी सब-कुछ हो 
ना तुम मेरी पत्नी 
बीवी भाभी हो ना प्रेमिका हो ना मां बहन बेटी बहू बुआ मौसी मामी चाची ताई नानी दादी।
कुछ भी तो नहीं हो 
ना ही तुम को मुहब्बत में देखा है ना ही आंखों में परखा है।
बस इतना ज्ञात है मुझे कि तुम एक स्त्री /नारी /औरत/ महिला हो ।
तुम्हारी सुंदरता भरी इन आंखों में न क्रोध है ना प्रेम है ना घृणा है । फिर भी एक आकर्षण है जो मुझे अपनी ओर आकर्षित करती हैं और यह एहसास कराती है कि 
कुछ ना होकर भी  
मेरी  
सब-कुछ हो 
आखिर  तुम कौन हो? 
आसमां से उतरी  कोई अप्सरा से कम नहीं।
परियों की शहजादी  से  भी अधिक सुंदर हो कहीं  
तीनों  लोकों में भी शायद  तुम्हारे  जैसा कोई नहीं ।
 चित्रकार  की कल्पना से भी अधिक सुंदर हो ।
पत्थर पर तराशी हुई मूर्ति  में  साकार हो।
उससे भी कहीं अधिक मेरी कल्पनाओं में दिखाई देती हो ।
तुम वही हो जिसकी मैं आराधना करता हूं ।
क्यों कि  तुम ही मेरी आराध्य देवी हो ।
कोई तुम्हें  अंबे कहे  
लक्ष्मी सरस्वती काली कहे  
तुम सब रूपों में हो  सब स्वरूपिणी हो  
 मैं हर पल  तुम्हें  ही  ध्यान  धरूं 
 आदिशक्ति  श्री अंबिका  तुम्हें नमन करूं । 

Saturday, 7 March 2026

पृथ्वी गायत्री मंत्र

ॐ पृथ्वि देव्ये च विद्महे सहस्र मूर्तये धीमहि तन्नो महिं प्रचोदयात्।।  (प्रतिदिन १०८ बार बोलना)


ॐ सर्व सम्मोहन्यै च विद्महे  विश्वजनन्यै धीमहि तन्नो  शक्ति प्रचोदयात् ।। (१२ बार रोज बोलना)


ॐ पृथ्वीदेव्यै विद्महे ॐ सहस्रमूर्तयै धीमहि तन्नो पृथ्वीः प्रचोदयात् ||

दांत की समस्या

फिटकरी, काला नमक चार लौंग सरसौं का तेल पीस कर पेस्ट बना सुबह-शाम मंजन करना।