Wednesday, 5 August 2026

अपना घर बनवाने का मंत्र

ॐ श्री वराह धरनी धराय नमः।
प्रातः काल उठकर सात बार बोलना है। 
एक महीने में मकान बनने का काम शुरू हो जाए गा 

Tuesday, 4 August 2026

तेरी ही ज़मीं है

तेरी ही ज़मीं है , तेरा आसमां है 
तुझसे ही दुनिया का चलता कारवां है 

तेरा दर मंदिर है तेरा गुरुद्वारा है।
तेरी किरपा से ही चलता जग सारा है।
तेरी ही ज़मीं है.... 

तू बनाता है तू ही छीन लेता है 
तू ही दाता सबका तू ही तो विधाता है।
तेरी ही ज़मीं है .....




Monday, 3 August 2026

items

चाय पत्ती 
धुलाई बर्तन साबुन 
साबुन दानी 
हींग 
अरहर दाल
मूंग मोगर 
ब्लाउज पीस या पूजा में बिछाने के लिए लाल पीला कपड़ा।



बगला मुखी सिद्ध मंत्र

सर्वानंद मयी चेव सर्व सिद्धि प्रदायिनी । सर्व चक्रेश्वरी देवी सर्वसिद्धेश्वरी नमः।।

Tuesday, 7 July 2026

मंगल स्तोत्र

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः।।
लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः।।
अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः।।
एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्।।
धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्।।
स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।।
अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय।।
ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा।।
अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्।।
विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।।
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः।।
पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।
ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः।।
एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा।।
।। इति श्री ऋणमोचक मङ्गलस्तोत्रम् सम्पूर्णम्।।

Saturday, 4 July 2026

कुल देवी आराधना स्तोत्र

कुलदेवी नमस्कार मंत्र 
 [{( "ॐ कुलदेवी नमस्तुभ्यं कुल वृद्धि प्रदायिनी। कुल काम प्रदे देवी सदा मांगल्य कारिणी।।")}] 

          "।           कुलदेवी स्तोत्र "

नमस्ते श्री शिव कुलाराध्या कुलेश्वरी, 
कुल संरक्षिणी माता कौलिक ज्ञान प्रकाशिनी।।१।।
वंदे श्री कुल पूज्या तां कुलांबां कुलक्षिणी, 
वेदमाता जगनमाता लोकमाता हितेषिनी।। २।।
आदिशक्ति समुद्भूता त्वया ही कुल स्वामिनी,
विश्व वंद्यां महाघोरां त्राहिमाम् शरणागत: ।।३।।
त्रैलोक्य हृदयं शोभे देवी त्वं परमेश्वरी ।
भक्तानुग्रह कारिणी कुलदेवी नमोस्तुते।।४।
महादेव प्रियंकरी बालाना हितकारिणी।
कुल वृद्धि करिमाता त्राहिमाम शरणागतम् ।।५।।
चिदग्निमंडल संभुता राज्य वैभव कारिणी।
प्रकटीतां सुरेशानी वंदे त्वाम् कुलगौरवां।।६।।
त्वदीये कुले जात: त्वमेव शरणं गत: ।
त्वत वत्सलोहं आद्ये त्वम रक्षा रक्षा धुना ।।७।।
पुत्रं देहि      धनंदेहि      साम्राज्यं प्रदेहि  मे 
सर्वदास्माकं कुले भूयात मंगलानु शाशनमृ ।।८।।
कुलाष्टक मिदंपुण्यं नित्यं यह: सुकृति पठेत् 
तस्य वृद्धि कुले जात: प्रसन्ना कुलेश्वरी।।९।।
कुलदेवी स्तोत्र मिदं सूपुण्यंललितं तथा ।
अर्पयामिभक्तभक्तया त्राहिमाम शिव गेहिनी।।११। 



अपना घर बनवाने का मंत्र

ॐ श्री वराह धरनी धराय नमः। प्रातः काल उठकर सात बार बोलना है।  एक महीने में मकान बनने का काम शुरू हो जाए गा