Monday, 17 November 2025

हिंसक पशु बन गया।

पैदा हुआ तू इंसान बन कर।
हाड़ मांस खा हिंसक पशु बन गया।।

जीवों ने तुमको क्या कुछ नहीं दिया।
बदले में तूने उसी को डस लिया।।

घी दूध मक्खन शहद और दवाएं ।
बदले में तुम से प्यार ही पाएं।

ज़ुल्मो सितम की हद हो गई है ।
इंसानियत इंसान की मिट गई है।।


No comments:

Post a Comment

बिमारी से मुक्त करने वाला मंत्र

शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता शीतले त्वं जग्दधात्री । शीतलायै नमो नमः।। रोजाना 108बार जाप करने से रोग निवारण हो जाएगा