हाड़ मांस खा हिंसक पशु बन गया।।
जीवों ने तुमको क्या कुछ नहीं दिया।
बदले में तूने उसी को डस लिया।।
घी दूध मक्खन शहद और दवाएं ।
बदले में तुम से प्यार ही पाएं।
ज़ुल्मो सितम की हद हो गई है ।
इंसानियत इंसान की मिट गई है।।
ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। क्योंकि हम उसी की सृष्टि के एक साकार रूप हैं। इस ब्लॉग में हमने सनातन धर्म से संबंधित त्वरित कृपा फल प्रदान करने वाले सिद्ध संस्कृत स्तोत्र पाठ संकलित किए हैं। इनकी सहायता से आप नित्य उपासना कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता शीतले त्वं जग्दधात्री । शीतलायै नमो नमः।। रोजाना 108बार जाप करने से रोग निवारण हो जाएगा
No comments:
Post a Comment