परिवार का मुखिया लोकन और उसकी इकलोती बेटी रुकमा की है।
रुकमा की मां सरस्वती जन्म देकर बचपन में ही छोड़ कर स्वर्ग सिधार गयी थी।
उसकी सौतेली मां का चक्कर एक नामी गुंडे से चल रहा था और साजिश के साथ ही वह रुकमा के किसान पिता को फांस कर उसकी जायदाद हडपने के लिए शादी कर लेती है।
बिचारा रुकमा की ठीक से परवरिश हो सके इसलिए उसके झांसे में आ गया और घर ले आया । और खुशी खुशी गांव भर में लावणा के लड्डू बंटवा दिये।
लेकिन वह परवरिश करने थोड़े ही आई थी, उसके इरादे तो कुछ और थे।
सौतेली मां उसे बहूत यात्नायें देती थी। हमेशा उससे पीछा छुडाने और उसको रास्ते से हटा ने के षडयंत्र रचती रहती थी।
इसका लावणा मैं कभी गांव में बंटने नहीं दूंगी यह उसकी सोच थी।
उसका षडयंत्र तो बूढे पति को भी रास्ते से हटाने के लिए रचाया हुआ था।
लेकिन रुकमा हर बार बच जाती थी और हर जुल्म सहकर भी खुश रहना उसके जीवन का अंग था।
उसे नृत्य और संगीत बहुत प्रिय था।
एक बार नृत्य करती रुकमा के पैरों में जलते हुए अंगारे सौतेली मां ने डाल दिये थे। लेकिन मंदिर में बैठी मां की मूर्ति से जलधारा निकली और अंगारे ठंडे पड गये।
रुकमा को मारने के लिए गुंडे किराये पर लिये रुकमा जान बचा कर भागी और गुंडों से अपनी जान और लाज बचाने के लिए उफनती हुई नदी में कूद गई।
बाप लोकन को जब मालुम हुआ तो उसने अपनी बेटी को ढूंढने के लिए ज़मीन आसमान एक कर दिया। लेकिन रुकमा का कोई पता नहीं चला।
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दृश्य -2
नदी के किनारे :-
राष्ट्रीय राज मार्ग पर फ्लाईओवर इंजिनियरिंग सर्वेक्षण दल के कुछ लोग अपनी पेमाइश मशीनों के जरिये मेप तैयार कर रहे थे।
तभी एक नवयुवक की नज़र उफनती हुई नदी की लहरों पर बहती हुई किसी लड़की पर पड़ी। उसने अपने साथियों से कहा सबने उस ओर देखा और किसी तरह उसकी जान बचाने की योजना बनाने लगे।
तभी पहले वाले ने अपनी गाड़ी में पड़ी रस्सी को कमर में बांधा और दूसरा सिरा साथियों को पकडा कर तेज़ लहरों में छलांग लगादी लड़की को पकड़े लिया दूसरे साथियो ने रस्सी के सहारे किनारे पर खींच लिया। लड़की रुकमा थी जो लहरों बहती हुई इतनी दूर आ गयी थी।
उन्होंने कोशिश कर उसके शरीर में घुसे पानी को निकाला।
कुछ ही देर में रुकमा को होश आ गया।
उसने होश में आकर जैसे ही इतने लोगों को अपने ऊपर झुका पाया तो उनको वो ही गुंडे समझी और चीखकर भागने लगी।
लड़के समझे कहीं यह आत्महत्या नहीं करले उसे बचाने की मंशा से उसके पीछे भागे।
लड़की भागते भागते किसी दूसरे गांव के चौगान में पहुंच गयी। गाव के मंदिर से किसी के गानेः की आवाज़ आ रही थी।
लड़की चौपाल में आकर गिर पड़ी। लड़के उसके पीछे पीछे भागे आ रहे थे।
कुछ गांव वालों ने नजारा देखा। उन्हें भी यही लगा कि लड़के लफंगे हैं और लड़की इनसे ही बचने के लिए भाग रही है।
किसी ने किसी से कुछ नहीं पूछा और लडकों की तबीयत से धुलाई करना शुरू कर दिया।
लड़की को गीले कपडों में बदहवास देख गांव की महिलाओं ने उसे संरक्षण दे दिया।
तभी मंदिर में भजन गा रहे युवक ने शोर सुना तो वह बाहर आया और लडकों की पिटाई करने वाले गावा वालों को रोका और लडको से पूछा माजरा क्या है।
लडको ने सारी घटना बता दी।
सुनकर भजन गायक हरकू ने कहा गाव वालों की तरफ़ से मैं आपसे माफी मांगता हूँ। फिर सबको अपने घर पर ले आया और गांव वालों से कहा कि इनकी मरहम पट्टी करें।
सरकारी कर्म चारी को मारने के अपराध से बचने का यही उपाय है।
सभी ने उनकी मरहम पट्टी की और चाय नाश्ता खिला कर विदा किया।
लड़की रुकमा ने अपनी आत्म कहानी बताई तो हरकू ने कहा तुम्हे मारने वाले गुंडे तो वहीं रह गये थे। ये लोग तो तुम को डूबने से बचा कर लाये थे।
लड़की को अपने किये पर पछतावा हुआ और उन चारों युवकों से माफी मागी।
उनको अपना भाई बना लिया।
रुकमा इसी गांव में रहने लगी।
हरकू भजन गाता और रुकमा नृत्य करती थी।
दोनों में प्यार हो गया। और शादी की बातें गांव घर वालों ने खुशी खुशी तय करदी।
रुकमा के चारों मुहबोले भाईयों ने उसका विवाह धूमधाम से करना तय कर दिया।
फिर जाकर रुकमा के पिता को उसके जीवित होने की खुशखबरी सुनाई। पिता खुश हो गया लेकिन सौतेली मां
को पता चला तो उसकी आपराधिक क्रूरता चरम पर पहुंच गयी।
शादी का जश्न है सारे गांव वाले खुशी से नाच गाना कर रहे है। तभी सौतेली मां के भेजे गुंडो ने हमला कर दिया और लड़की रुकमा को अगुवा कर लिया।
चारों भाईयो और हरकू को जब मालुम हुआ तो उन्होंने गुंडो को मार मार कर अधमरा कर पुलिस के हवाले कर दिया और सौतेली मां को भी जैल भेजदिया।
शादी के लडडू सारे गांव वालों को बाट ने के रिवाज को ही लावणो राजस्थानी रीतिरिवाजों में माना जाता है।
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From
HOVI MOVIES HOUSE
JAIPUR
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RAJASTHAN
To,
The Honorable Minister
Rajasthani Film Development Ministry
Government of Rajasthan
[Ministry Address]
[City, State, PIN Code]
Subject: Request for Sanction of Subsidy for the Production of a Rajasthani Film
Dear Sir/Madam,
I hope this letter finds you well. I am writing to formally request financial support in the form of a subsidy amounting to ₹25 lakhs for the production of our Rajasthani film. This project is a sincere effort to highlight the unique cultural heritage, traditions, and art forms of Rajasthan through the medium of cinema.
Our film is envisioned as a celebration of Rajasthan’s vibrant culture, showcasing its folk music, traditional art, and regional storytelling. We aim to create a film that not only entertains but also educates audiences about the significance of preserving our cultural roots.
The subsidy will play a crucial role in achieving the following objectives:
Promoting Regional Cinema: Elevating the status of Rajasthani films on a national and global stage.
Preserving Culture: Accurately representing the traditions, dialects, and folklore of Rajasthan.
Creating Employment: Generating job opportunities for local artists, musicians, technicians, and craftspeople.
The funds will be utilized judiciously to cover critical production expenses, including location scouting within Rajasthan, hiring local talent, incorporating authentic Rajasthani music, and marketing efforts to ensure maximum reach and impact.
Enclosed with this letter, you will find the detailed project proposal, budget plan, and supporting documents required for your kind consideration. I assure you that this project aligns with the Ministry’s vision of promoting regional cinema and cultural preservation.
We are deeply committed to producing a film that reflects the pride and spirit of Rajasthan and are hopeful that the Ministry will support us in this endeavor. I would be honored to meet you in person to discuss this further and provide any additional information required to facilitate the approval process.
Thank you for considering our request. Your support would mean a great deal to us and the regional film industry.
Warm regards,
HARI OM JOSHI
[STORY LYRICS WRITER MUSIC DIRECTOR Production]
HOVI MOVIES HOUSE
Jaipur Rajasthan
[Contact Information]
Enclosures:
Detailed Project Proposal STRORY LINE
THEME
Budget Plan APPROXIMATE COST OF FILM 🎥 AROUND 85 LAKHS
Supporting Documents
लेखक हरिओम जोशी
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