Saturday, 27 July 2024

यौवन ने जब देहरी लांघी बाधाओं ने

        तेरे मौन निमंत्रण का 
         नैनों से मिला इशारा 
         प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर हैं 
         युग अनुबंध हमारा 
अमुवा की पुरवा और झरने 
साथ हमारे गाते थे 
लुक छुप अठखेली करते हम 
अंबर सर पर उठाते थे 
ना पहरा प्रतिबंधित था 
निश्छल मिलन हमारा 
          प्रतिवेदन........ 
यौवन ने जब देहरी लांघी 
बाधाओं ने किया प्रहार 
देह तपे तड़पे व्याकुल मन 
कष्ट का कैसे हों संहार 
बालिग होते ही अपना 
गर्दिश में हुआ सितारा 
        प्रतिवेदन.....
जकड़ रहे मर्यादा में हम 
तन्हा इक तूफान लिए 
जढताओं के बंधन काटें 
मन में यूं तुफ़ान लिए 
परिभाषित हो सका तभी प्रिय 
जीवन संग हमारा 

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बिमारी से मुक्त करने वाला मंत्र

शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता शीतले त्वं जग्दधात्री । शीतलायै नमो नमः।। रोजाना 108बार जाप करने से रोग निवारण हो जाएगा