तेरे मौन निमंत्रण का
नैनों से मिला इशारा
प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर हैं
युग अनुबंध हमारा
अमुवा की पुरवा और झरने
साथ हमारे गाते थे
लुक छुप अठखेली करते हम
अंबर सर पर उठाते थे
ना पहरा प्रतिबंधित था
निश्छल मिलन हमारा
प्रतिवेदन........
यौवन ने जब देहरी लांघी बाधाओं ने किया प्रहार
देह तपे तड़पे व्याकुल मन
कष्ट का कैसे हों संहार
बालिग होते ही अपना
गर्दिश में हुआ सितारा
प्रतिवेदन.....
जकड़ रहे मर्यादा में हम
तन्हा इक तूफान लिए
जढताओं के बंधन काटें
मन में यूं तुफ़ान लिए
परिभाषित हो सका तभी प्रिय
जीवन संग हमारा
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