Saturday, 12 August 2023

नवग्रह शांति स्तोत्र पाठ करें और ग्रहों दोष से मुक्ति पाएं।

सूर्यं मंत्र:-
 जपा कुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्वितिं ।
 तमारि सर्व पापघ्नं तं सूर्यं प्रणमाम्यहं। १।
चन्द्र मंत्र:-
दधिशंख तुषाराभं क्षीरोदार्णव संभवम् ।
नमामि शशिनं शंभोर मुकुटषणम् ।।२।।
मंगल मंत्र
धरणी गर्भ संभुतं विद्युत कांति संप्रभं।
कुमारं शक्ति हस्तारं तं मंगलं प्रणमाम्यहं ।।३।।
बुध मंत्र 
प्रियंगु कलिका श्यामम् रूपेणां प्रतामम्बुधम् ।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतम् तं बुधं प्रणमाम्यहं।।४।।
बृहस्पति मंत्र 
देवानां च ऋषिणां गुरूंकांचनं सन्निभं ।
बुद्धि भूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिं ।।५।।
शुक्र मंत्र 
हेम कुम्भ मृणालाभं देत्यानाम् परमम् गुरुओं । 
सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवम् प्रणमाम्यहं।‌। ६।। 
शनि मंत्र
नीलांजन समाभासम् रविपुत्रं यमाग्रजम् ।
छाया मार्तण्ड संभुतं तं नमामि शनैश्चरं।।७।।
राहू मंत्र 
अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्य मर्दनम् ।
सिंहिका गर्भ संभुतं तं राहूं प्रणमाम्यहं।।८।।
केतु मंत्र 
पलाश पुष्प संकाशं ताराग्रह मस्तकं
रौद्रं रौद्रत्मकं घोर केतुं प्रणमाम्यहं।।९।।

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बिमारी से मुक्त करने वाला मंत्र

शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता शीतले त्वं जग्दधात्री । शीतलायै नमो नमः।। रोजाना 108बार जाप करने से रोग निवारण हो जाएगा