१. ॐ हनुमान अंजनी सुतंर्महावीर्यं वायुपुत्रो महाबल: ।
श्री रामेषठ: फाल्गुन सख: पिंगाक्षो अमित विक्रम: उदधि क्रमणश्चैव सीताशोक विनाशनं: लक्ष्मण
प्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।
द्वादशैतानि नामानि कपीन्द्रस्य महात्मना:
स्वापकाले प्रबोधे च यात्रा काले य: पठेत्
तस्य सर्वभयं नास्ती रणे च विजई भवेत् ।।
२ ॐनमो भगवते हनुमते रुद्रात्मकाये हुं फट् स्वाहा।
३. ॐ आंजनेयाय महाबलाय नमः
४. ॐ हं हनुमते नमः
चौपाई
पवन तनय बल पवन समाना।
बुधि विवेक विज्ञान नाधाना ।।
कवन सो काज कठिन जग माहीं ।
जो नहीं हो हीं। तात् तुम पाहीं ।।
नासै रोग हरे सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।
संकट ते हनुमान छुड़ावें ।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावें।।
जय सियाराम जय जय सियाराम
मंगल भवन अमंगल हारी।
द्रवहु सु दशरथ अजिर बिहारी।।
जय सियाराम जय जय हनुमान
संकटमोचन कृपा निधान।।
दीन दयाल बिरद् संभारी।
हरहुं नाथ मम् संकट भारी।।
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