Saturday, 9 March 2024

द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र ।

   
  भगवान शिव जी के बारह ज्योतिर्लिंग स्तोत्र पाठ करें और अपने जीवन में जो भी निगेटिव एनर्जी है उससे मुक्ति पाएं।
        ।। अथ द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र।।

ॐ सौराष्ट्रे सोमनाथं श्री शैलेमल्लिकार्जुनं ।
उज्जयिन्यां महाकाल औंकारममलेश्वरं।।

परल्यां वैजनाथं च डाकिन्यांभीमशंकर।
सेतुबंधेतुरामेशं नागेशम् दारुका वने ।।

वाराणस्यां तुविश्वेशं त्र्यंबकेश्वर गोतमीतटे।
हिमालये तुकैदारं घुष्नेश्वरं च शिवालये।।

ऐतानि ज्योतिर्लिंगानि सायं प्रातः पठेन्नर: ।
सप्तजन्म कृतं पापं स्मरणेन विनश्यति ।।
षषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषष
मार्कंडेय जी महाराज द्वारा सिद्ध मंत्र।
षषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषषष
ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात
चंद्रशेखर चंद्रशेखर चंद्रशेखर पाहिमाम्।
चंद्रशेखर चंद्रशेखर चंद्रशेखर रक्षमाम् ।।
        ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय 

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